Loading…
Loading…
Chapters by unit. Pick one chapter free.
126 chapters · Hindi + English
Start free
Chapters with the most matches appear first. Clear to see the full list.
Ancient-to-modern Indian history and the national movement — empires, INC sessions, Gandhian struggles, constitutional Acts and 1947 milestones asked at PGT GK level.
India's location, physiography, rivers, climate, soils and national parks plus a focused Uttar Pradesh block — the full GK geography asked in PGT papers.
Constituent Assembly to working polity — Preamble, Fundamental Rights, DPSP, Parliament, judiciary, amendments, bodies and federal design at PGT GK depth.
National income, planning, RBI and banking, budget and taxation, inflation, poverty schemes and the 1991 reforms — PGT-level economy GK.
Physics, chemistry and biology core facts with everyday applications — units, laws, elements, diseases, nutrition and space science at PGT GK level.
Ecosystems, energy flow, biodiversity, pollution, climate conventions and India's environmental laws — PGT-level environment GK.
UP's formation, regions, rivers, history, culture, GI crafts, administration and economy — the state-specific GK block of the PGT paper.
How current affairs is tested in GK papers — polity, economy, science, defence, world bodies, indices and the anchoring events of 2023–25.
Education governance, NEP 2020, school and higher-education schemes, literacy data and education awards — the teaching-sector GK block.
Sports governance and events, national and international awards, and important books with authors — the trophy-shelf GK chapter.
हिंदी-ध्वनि-विज्ञान व वर्तनी का स्नातकोत्तर-अध्ययन: ध्वनि बनाम वर्ण, उच्चारण-स्थान व प्रयत्न से स्वर-व्यंजन का वैज्ञानिक वर्गीकरण, मात्रिक-वर्ण, नुक़्ता-अक्षर, और UP PGT की परखी-वर्तनी-नियम — त/थ, ब/व, तीन-सिबिलेंट, अनुस्वार-प्रयोग, व उच्चारणानुसार बनाम पारंपरिक-वाद।
UP PGT स्तर पर संधि का पूर्ण-अध्ययन: संधि की परिभाषा व तीन-भेद, स्वर-संधि के पाँच-भेद (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि) नियम-सह-उदाहरण, व्यंजन-संधि (ष्ठुत्व, जश्त्व, चर्त्व आदि), विसर्ग-संधि (सत्व, ऋत्व, उत्व आदि), और परीक्षा में आने-वाले विच्छेद-फ़ंद — प्रत्येक-नियम पर बहु-उदाहरण व सामान्य-ग़लतियाँ।
UP PGT स्तर पर समास का पूर्ण-अध्ययन: समास की परिभाषा व संक्षेप-प्रक्रिया, छह-प्रमुख-भेद (अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि) नियम-सह-उदाहरण, उपभेद (द्वंद्व के दो, तत्पुरुष के कर्म/करण आदि-विभक्ति-भेद), समासिक-पद की मात्रा-पहचान, और विग्रह-फ़ंद — प्रत्येक-भेद पर परीक्षा-परखे-उदाहरण।
UP PGT स्तर पर लिंग, वचन और कारक का पूर्ण-अध्ययन: लिंग की परिभाषा व दो-भेद (पुल्लिंग/स्त्रीलिंग), स्त्रीलिंग-निर्माण के नियम व प्रत्यय, वचन के दो-भेद और बदलाव-नियम, कारक के आठ-भेद विभक्ति-चिह्न-सहित, कर्ता-कर्म-करण आदि की पहचान-कसौटियाँ, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-नियम पर बहु-उदाहरण।
UP PGT स्तर पर उपसर्ग-प्रत्यय का पूर्ण-अध्ययन: उपसर्ग की परिभाषा व संस्कृत-हिंदी-उर्दू-अंग्रेज़ी-उपसर्ग-सूची, प्रत्यय के दो-वर्ग (तत्पुरुष-निर्माण कृत् प्रत्यय व तद्धित), नाम-योगी-प्रत्यय, स्त्रीलिंग-प्रत्यय, शब्द-निर्माण की पूरी-क्रिया, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-नियम पर बहु-उदाहरण व ग़लत-सही-जोड़े।
UP PGT स्तर पर पर्यायवाची का पूर्ण-अध्ययन: पर्यायवाची की परिभाषा व तीन-उत्पत्ति-श्रोत (संस्कृत-तत्सम, देशज-तद्भव, आगत-शब्द), पचास-प्रमुख-पर्यायवाची-समूह (जल, अग्नि, सूर्य, चंद्र, कमल, पुस्तक, विद्यालय, मित्र, शत्रु, देवता आदि), पर्यायवाची के अर्थ-सूक्ष्म-भेद, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-समूह पर बहु-उदाहरण व ग़लत-सही-जोड़े।
UP PGT स्तर पर विलोम का पूर्ण-अध्ययन: विलोम की परिभाषा व चार-निर्माण-नियम (उपसर्ग से, रूप-परिवर्तन से, अलग-मूल-शब्द से, अ-न-नु-वि उपसर्ग-विलोम), पचास-प्रमुख-विलोम-युग्म (स्मरण-सूची), विलोम के अर्थ-स्तर-भेद (पूर्ण-विलोम बनाम आंशिक-विलोम), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-नियम पर बहु-उदाहरण व ग़लत-सही-जोड़े।
UP PGT स्तर पर मुहावरे-लोकोक्तियों का पूर्ण-अध्ययन: मुहावरे की परिभाषा (अर्थ-परिवर्तित-वाक्यांश) व लोकोक्ति की परिभाषा (लोक-व्यवहार की सीख-वाक्य), दोनों का भेद (वाक्यांश बनाम पूर्ण-वाक्य), पचास-प्रमुख-मुहावरे व तीस-लोकोक्तियाँ अर्थ-सहित, प्रयोग-नियम, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक पर अर्थ व वाक्य-प्रयोग।
UP PGT स्तर पर वाक्य-शुद्धि का पूर्ण-अध्ययन: वाक्य की परिभाषा व शुद्ध-वाक्य के लक्षण, अशुद्धि के आठ-प्रकार (लिंग-अशुद्धि, वचन-अशुद्धि, कारक-अशुद्धि, क्रिया-अशुद्धि, विभक्ति-अशुद्धि, संधि-अशुद्धि, वर्तनी-अशुद्धि, अर्थ-अशुद्धि), प्रत्येक-प्रकार के उदाहरण व शुद्ध-रूप, वाक्य-शुद्धि की पहचान-विधि, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-प्रकार पर बहु-उदाहरण।
UP PGT स्तर पर विराम-चिह्न का पूर्ण-अध्ययन: विराम-चिह्न की परिभाषा व उपयोगिता, बारह-प्रमुख-चिह्न (पूर्ण-विराम, अर्ध-विराम, अल्प-विराम, प्रश्न-चिह्न, विश्मयादि-बोधक, उद्धरण-चिह्न, कोष्ठक, योजक, अवतरण, लाघव, अपेक्षा-चिह्न, दीर्घ-विराम), प्रत्येक का प्रयोग-नियम व उदाहरण, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-चिह्न पर बहु-उदाहरण।
UP PGT स्तर पर अनेक-शब्दों-के-लिए-एक-शब्द का पूर्ण-अध्ययन: परिभाषा व उपयोगिता, व्यक्ति-वर्ग के तीस-प्रमुख-शब्द (जो पढ़ता/जो लिखता/जो सुनता), स्थान-वर्ग के बीस-प्रमुख-शब्द (जहाँ रहता/जहाँ खेलता), भाव-वर्ग के पंद्रह-प्रमुख-शब्द (जो नहीं देखता/जो नहीं सुनता), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-शब्द पर परिभाषा-वाक्य व उदाहरण।
UP PGT स्तर पर अपठित-गद्यांश का पूर्ण-अध्ययन: अपठित-गद्यांश की परिभाषा व उपयोगिता, गद्यांश-पठन की तीन-चरण-विधि (पहला-पठन/मूल-अर्थ/विस्तृत-पठन), प्रश्न-परख की पाँच-आकृतियाँ (मूल-अर्थ/विषय-परख/विशेष-परख/निष्कर्ष/शीर्षक), उत्तर-लेखन के नियम, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — एक-पूर्ण-गद्यांश-उदाहरण सहित।
UP PGT स्तर पर अपठित-काव्यांश का पूर्ण-अध्ययन: अपठित-काव्यांश की परिभाषा व उपयोगिता, काव्यांश-पठन की तीन-चरण-विधि (पहला-पठन/मूल-भाव/विस्तृत-पठन), प्रश्न-परख की छह-आकृतियाँ (मूल-भाव/अलंकार/छंद/रस/विशेष-परख/शीर्षक), उत्तर-लेखन के नियम, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — एक-पूर्ण-काव्यांश-उदाहरण सहित।
मानक वर्तनी-नियमों पर आधारित अशुद्ध-शब्द पहचान — PGT स्तर के प्रचलित वर्तनी-फ़ंद, त्रुटियुक्त रूपों का शुद्ध रूप और उच्चारण-आधारित भ्रम।
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द — PGT-परीक्षा के प्रचलित वाक्यांश-समूह, उनके तकनीकी एकशब्द-रूप और निकट-अर्थी भ्रम-युग्म।
अनेकार्थी (एक शब्द अनेक अर्थ) शब्दों की PGT-पहचान — समान लिखित रूप में भिन्न-भिन्न अर्थ वाले शब्द, उनके प्रचलित अर्थ-युग्म और परीक्षा-फ़ंद।
भिन्नार्थक शब्द — समान-स्वरूप परंतु पृथक अर्थ वाले शब्द-युग्म; श्रुतिसम/युग्म शब्दों की PGT-परीक्षा पहचान।
काल-विचार — भूत, वर्तमान और भविष्य के भेद, छह-छह उपभेद, क्रिया-काल की PGT-परीक्षा पहचान और प्रचलित भ्रम-युग्म।
संज्ञा-विचार — व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, समूहवाचक और द्रव्यवाचक भेद; लिंग-वचन-कारक से जुड़े PGT-फ़ंद।
सर्वनाम-विचार — पुरुषवाचक, दर्शनवाचक, प्रश्नवाचक, संबंधवाचक, अनिश्चयवाचक और निजवाचक के भेद एवं PGT-परीक्षा के भ्रम-युग्म।
क्रिया-विचार — सकर्मक/अकर्मक, प्रेरणार्थक, नामधातु, संयुक्त, पूर्वकालिक क्रिया के भेद और PGT-परीक्षा के क्रिया-फ़ंद।
विशेषण-विचार — गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सर्वनामवाचक भेद; तुलना-अवस्थाएँ और PGT-विशेषण फ़ंद।
UP PGT स्तर पर आदिकाल का पूर्ण-अध्ययन: आदिकाल की परिभाषा व काल-सीमा (1050-1375 ई.), नामकरण-विवाद (आदिकाल/संध्या-काल/वीरगाथा-काल/बीज-काल/चारण-काल), प्रमुख-कवि (चंद बरदाई, प्रकृतिपिंगल, विद्यापति, अमीर खुसरो), प्रमुख-रचनाएँ (पृथ्वीराज रासो, विद्यापति-पदावली, खुसरो-काव्य), आदिकाल की विशेषताएँ, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर समय-विशेषता-रचना-सेट।
UP PGT स्तर पर भक्तिकाल-संत-काव्य का पूर्ण-अध्ययन: भक्तिकाल की परिभाषा व काल-सीमा (1375-1700 ई.), संत-काव्य की परिभाषा व विशेषताएँ (निर्गुण-भक्ति, लोक-भाषा, साधुक्कड़ी-भाषा), प्रमुख-संत-कवि (कबीर, नानक, रैदास, दादू दयाल), प्रमुख-रचनाएँ (कबीर-दोहे, नानक-वाणी, रैदास-वाणी), संत-काव्य की विशेषताएँ, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-संत पर समय-विशेषता-रचना-सेट।
UP PGT स्तर पर भक्तिकाल-सूफी-काव्य का पूर्ण-अध्ययन: सूफी-काव्य की परिभाषा व विशेषताएँ (प्रेमाख्यान, सूफी-दर्शन, अवधी-भाषा), प्रमुख-सूफी-कवि (मुल्ला दाऊद, जायसी, कुतुबन, मंझन), प्रमुख-प्रेमाख्यान (चाँदायन, पद्मावत, मृगावती, मधुमालती), सूफी-काव्य की परीक्षा-परख, और स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि-रचना पर काल-रस-भाषा-सेट।
UP PGT स्तर पर भक्तिकाल-राम-काव्य का पूर्ण-अध्ययन: राम-काव्य की परिभाषा व विशेषताएँ (सगुण-भक्ति, अवधी-भाषा, राम-कथा), प्रमुख-राम-कवि (तुलसीदास, अग्रदास, नाभादास, प्रिया-दास), प्रमुख-रचनाएँ (रामचरितमानस, विनय-पत्रिका, कवितावली, दोहावली), राम-काव्य की परीक्षा-परख, और स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-रचना पर काल-भाषा-छंद-रस-सेट।
UP PGT स्तर पर भक्तिकाल-कृष्ण-काव्य का पूर्ण-अध्ययन: कृष्ण-काव्य की परिभाषा व विशेषताएँ (सगुण-भक्ति, ब्रजभाषा, कृष्ण-लीला), प्रमुख-कृष्ण-कवि (सूरदास, नंददास, कृष्णदास, कुम्भनदास), अष्टच्छाप-परंपरा, प्रमुख-रचनाएँ (सूरसागर, सूरसावली, सहित्या-लहरी), कृष्ण-काव्य की परीक्षा-परख, और स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि-रचना पर काल-भाषा-रूप-रस-सेट।
UP PGT स्तर पर रीतिकाल का पूर्ण-अध्ययन: रीतिकाल की परिभाषा व काल-सीमा (1700-1900 ई.), तीन-शाखाएँ (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त), प्रमुख-कवि (बिहारी, घनानंद, देव, भूषण, आलम, कबित), प्रमुख-रचनाएँ (बिहारी-सतसई, घनानंद-काव्य, देव-काव्य), रीतिकाल की विशेषताएँ (शृंगार-रस, कल्पना, अलंकार-युक्ति), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-शाखा-रचना-सेट।
UP PGT स्तर पर भारतेन्दु-युग का पूर्ण-अध्ययन: भारतेन्दु-युग की परिभाषा व काल-सीमा (~1850-1900 ई.), भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जीवन-काव्य, प्रमुख-कवि-लेखक (भारतेन्दु, बालकृष्ण भट्ट, प्रतापनारायण मिश्र, राधाकृष्ण दास), प्रमुख-रचनाएँ (भारत-दुर्दशा, सत्य-हरिश्चंद्र, प्रेम-जोगिनी), भारतेन्दु-युग की विशेषताएँ (नाटक-विकास, पत्रकारिता, आधुनिक-काव्य-प्रारंभ), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-रचना-योगदान-सेट।
UP PGT स्तर पर द्विवेदी-युग का पूर्ण-अध्ययन: द्विवेदी-युग की परिभाषा व काल-सीमा (~1900-1920 ई.), महावीर प्रसाद द्विवेदी का जीवन-काव्य, प्रमुख-कवि-लेखक (द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त, अयोध्या सिंह उपाध्याय, मक्खनलाल चतुर्वेदी), प्रमुख-रचनाएँ (सरस्वती-पत्रिका, साकेत, प्रिय-प्रवास, हिंद-केसरी), द्विवेदी-युग की विशेषताएँ (खड़ी-बोली-काव्य, देश-प्रेम, आधुनिक-काव्य-विकास), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-रचना-योगदान-सेट।
UP PGT स्तर पर छायावाद का पूर्ण-अध्ययन: छायावाद की परिभाषा व काल-सीमा (~1920-1936 ई.), चार-प्रमुख-कवि (जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, महादेवी वर्मा), प्रमुख-रचनाएँ (कामायनी, पल्लव, निराला-काव्य, यामा), छायावाद की विशेषताएँ (प्रेम-रहस्य, अलंकार-युक्ति, प्रतीक-पद्धति, रोमानी-भावना), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-रचना-शैली-रस-सेट।
UP PGT स्तर पर प्रगतिवाद का पूर्ण-अध्ययन: प्रगतिवाद की परिभाषा व काल-सीमा (~1936-1950 ई.), मूल-विचार (समाज-क्रांति, मार्क्सवाद, गांधीवाद), प्रमुख-कवि-लेखक (प्रेमचंद, नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, रामविलास शर्मा, त्रिलोचन), प्रमुख-रचनाएँ (गोदान, कूलि, फ़कीरा, युगान्तर), प्रगतिवाद की विशेषताएँ (समाज-क्रांति, सरल-भाषा, समूह-भावना), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-रचना-विचार-सेट।
UP PGT स्तर पर प्रयोगवाद और नई कविता का पूर्ण-अध्ययन: प्रयोगवाद की परिभाषा व काल-सीमा (~1950-1970 ई.), नई-कविता की परिभाषा व काल-सीमा (~1960-वर्तमान), प्रमुख-कवि (अज्ञेय, मुक्तिबोध, रघुवीर सहाय, कुंवर नारायण, केदारनाथ सिंह), प्रमुख-रचनाएँ (तार-सप्तक, आँधी-युग, चाँद का मुँह टेढ़ा है, अतिजीवित), प्रयोगवाद-नई-कविता की विशेषताएँ (प्रयोग-काव्य, आधुनिक-भाषा, व्यक्ति-अनुभव), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — प्रत्येक-कवि पर काल-रचना-विशेषता-सेट।
UP PGT स्तर पर हिंदी गद्य-विधाओं का पूर्ण-अध्ययन: गद्य की परिभाषा व पद्य से भेद, प्रमुख-गद्य-विधाएँ (उपन्यास, कहानी, नाटक, निबंध, जीवनी, आत्मकथा, यात्रा-वृत्तांत, संस्मरण), प्रत्येक-विधा की परिभाषा-विशेषता-प्रमुख-लेखक, प्रमुख-रचनाएँ (गोदान, कफ़न, अंधेर-नगरी, निबंध-संग्रह), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — विधा-लेखक-रचना-सेट।
UP PGT स्तर पर हिंदी की लघु गद्य-विधाओं का पूर्ण-अध्ययन: लघु-विधाओं की परिभाषा व वर्गीकरण, आठ-प्रमुख-लघु-विधाएँ (रेखाचित्र, व्यंग्य, रिपोर्ताज, पत्र-लेखन, डायरी-लेखन, समीक्षा, फीचर, साक्षात्कार), प्रत्येक-विधा की परिभाषा-विशेषता-प्रमुख-लेखक, प्रमुख-रचनाएँ (रेखाचित्र-संग्रह, व्यंग्य-संग्रह, रिपोर्ताज-संग्रह), और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद — विधा-परिभाषा-लेखक-सेट।
हिंदी साहित्य-इतिहास लेखन की परंपरा — गार्सा द तासी से शुक्ल तक, इतिहास-ग्रंथों की क्रमवार परीक्षा-पहचान।
हिंदी साहित्य के काल-विभाजन — आदिकाल से आधुनिक काल तक; विभिन्न विद्वानों के काल-सीमा वाद और PGT-परीक्षा की प्रमुख तिथियाँ।
आदिकाल का नामकरण (वीरगाथा, संधिकाल, बीजवापन), प्रमुख काव्य-धाराएँ और आदिकालीन कवियों की परीक्षा-पहचान।
भक्तिकाल की विशेषताएँ — सगुण-निर्गुण भेद, भक्ति-आंदोलन की प्रवृत्तियाँ, प्रमुख कवि और परीक्षा-फ़ंद।
रीतिकाल की विशेषताएँ — रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त धाराएँ; मुक्तक-काव्य और श्रृंगार-रस की परीक्षा-पहचान।
गीत और नवगीत — हिंदी काव्य की लोक-गीत परंपरा और आधुनिक नवगीत की परीक्षा-पहचान; प्रमुख रचनाकार।
प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियों और सूक्तियों के रचयिता — हिंदी साहित्य की अमर पंक्तियों का कवि-पहचान और परीक्षा-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर कबीर का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1398-1518 ई.), युग (भक्तिकाल — संत-काव्य), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर जायसी का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1493-1542 ई.), युग (भक्तिकाल — सूफी-काव्य), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर तुलसीदास का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1532-1623 ई.), युग (भक्तिकाल — राम-काव्य), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर सूरदास का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1478-1581 ई.), युग (भक्तिकाल — कृष्ण-काव्य), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर मीराबाई का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1498-1546 ई.), युग (भक्तिकाल — कृष्ण-काव्य), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर बिहारी का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1603-1663 ई.), युग (रीतिकाल — रीतिमुक्त), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर जयशंकर प्रसाद का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1889-1937 ई.), युग (छायावाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर निराला का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1899-1961 ई.), युग (छायावाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर पंत का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1900-1977 ई.), युग (छायावाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर महादेवी वर्मा का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1907-1987 ई.), युग (छायावाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर प्रेमचंद का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1880-1936 ई.), युग (प्रगतिवाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर केशवदास का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1555-1617 ई.), युग (रीतिकाल — रीतिबद्ध), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर घनानंद का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1673-1760 ई.), युग (रीतिकाल — रीतिमुक्त), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर भारतेन्दु का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1850-1885 ई.), युग (भारतेन्दु-युग), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर द्विवेदी का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1864-1938 ई.), युग (द्विवेदी-युग), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर रामचंद्र शुक्ल का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1884-1958 ई.), युग (द्विवेदी-युग), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1907-1979 ई.), युग (द्विवेदी-युग), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर अज्ञेय का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1911-1987 ई.), युग (प्रयोगवाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर मुक्तिबोध का पूर्ण-अध्ययन: जीवन-काल (~1917-1964 ई.), युग (प्रयोगवाद), प्रमुख-रचनाएँ, भाषा-रस-शैली, योगदान, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर रस का पूर्ण-अध्ययन: काल (भरतमुनि से वर्तमान), युग (काव्यशास्त्र), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर अलंकार का पूर्ण-अध्ययन: काल (भामह से जगन्नाथ), युग (काव्यशास्त्र), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर छंद का पूर्ण-अध्ययन: काल (वैदिक-काल से वर्तमान), युग (काव्यशास्त्र), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर शब्दशक्ति का पूर्ण-अध्ययन: काल (काव्यशास्त्र-परंपरा), युग (काव्यशास्त्र), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
काव्य की परिभाषा — विश्वनाथ, मम्मट, भामह, दण्डी की काव्य-लक्षण परीक्षा-पहचान; वाक्यं रसात्मकं काव्यम् की व्याख्या।
काव्य के भेद — गद्य, पद्य, चम्पू; महाकाव्य, खंडकाव्य, मुक्तक-काव्य की परीक्षा-पहचान।
काव्य के गुण — प्रसाद, माधुर्य, ओज, समता, सौकुमार्य; वामन के दश-गुण वाद और PGT-परीक्षा पहचान।
काव्य के दोष — शब्द-दोष, अर्थ-दोष, रस-दोष; न्यून-अधिक, ग्राम्य, अप्रीतिकर आदि की PGT-परीक्षा पहचान।
UP PGT स्तर पर भास का पूर्ण-अध्ययन: काल (~3री-4थी शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर कालिदास का पूर्ण-अध्ययन: काल (~4थी-5वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर भवभूति का पूर्ण-अध्ययन: काल (~8वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर भारवि का पूर्ण-अध्ययन: काल (~6वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर माघ का पूर्ण-अध्ययन: काल (~7वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर दण्डी का पूर्ण-अध्ययन: काल (~7वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
UP PGT स्तर पर श्रीहर्ष का पूर्ण-अध्ययन: काल (~12वीं शताब्दी), युग (संस्कृत साहित्य), प्रमुख-रचनाएँ/ग्रंथ, विशेषता, दर्शन, और परीक्षा के स्थायी-फ़ंद।
बाणभट्ट — हर्षचरित, कादम्बरी; संस्कृत गद्य-काव्य के शिखर-कवि की परीक्षा-पहचान।
मम्मट — काव्यप्रकाश के रचयिता; काव्य-लक्षण, गुण-दोष, अलंकार के प्रतिपादक की परीक्षा-पहचान।
भरतमुनि — नाट्यशास्त्र के रचयिता; रस-सूत्र, अभिनय-विचार, नाटक-शास्त्र की परीक्षा-पहचान।
विश्वनाथ — साहित्यदर्पण के रचयिता; काव्य-लक्षण, रस-भेद, अलंकार के प्रतिपादक की परीक्षा-पहचान।
राजशेखर — काव्यमीमांसा, बालरामायण, विद्धशालभंजिका; काव्य-विमर्श के प्रतिपादक की परीक्षा-पहचान।
जयदेव — गीतगोविंद के रचयिता; अष्टपदी-परंपरा, राधा-कृष्ण-प्रेम और संगीत-काव्य की परीक्षा-पहचान।
हिंदी निबंध का उद्भव और विकास — भारतेन्दु युग से आधुनिक निबंध तक; प्रमुख निबंधकार और विधा-विशेष।
हिंदी उपन्यास का उद्भव और विकास — परिक्षा गुरु से गोदान तक; प्रेमचंद-पूर्व और प्रेमचंद-उत्तर परीक्षा-पहचान।
हिंदी कहानी का उद्भव और विकास — ईदगाह से नई कहानी तक; प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, अज्ञेय की परीक्षा-पहचान।
हिंदी नाटक का उद्भव और विकास — भारतेन्दु से प्रसाद, मोहन राकेश तक; पार्सी-परंपरा और रंगमंच की परीक्षा-पहचान।
हिंदी आलोचना का उद्भव और विकास — शुक्ल से नगेन्द्र, धर्मवीर भारती तक; आलोचना-पद्धतियों की परीक्षा-पहचान।
जीवनी-विधा का स्वरूप और विकास — भक्तमाल से आधुनिक दस्तावेज़ी जीवनी तक; जीवनी, आत्मकथा और संस्मरण के भेद की परीक्षा-पहचान।
आत्मकथा-विधा का स्वरूप और विकास — अर्धकथानक से गाँधी, नेहरू, यशपाल की आत्मकथाओं तक; प्रथम-पुरुष आत्म-विश्लेषण की परीक्षा-पहचान।
संस्मरण-विधा का स्वरूप — महादेवी वर्मा के संस्मरण-संग्रहों से लेकर जीवनी और आत्मकथा से भेद की परीक्षा-पहचान।
रेखाचित्र-विधा का स्वरूप — रामवृक्ष बेनीपुरी की प्रवर्तक-भूमिका; व्यक्ति-चित्रण और जीवनी-भेद की परीक्षा-पहचान।
रिपोर्ताज-विधा का स्वरूप — तथ्य-आधारित साहित्यिक-वृत्तांत की परीक्षा-पहचान; रेणु की रिपोर्ताज-परंपरा और पत्रकारिता से संबंध।
यात्रा-वृत्तांत-विधा का स्वरूप — प्राचीन-पर्यटकों से राहुल सांस्कृत्यायन तक; यात्रा-वृत्तांत, रिपोर्ताज और डायरी के भेद की परीक्षा-पहचान।
डायरी-लेखन की विधा-विशेषता — दिनांक-वार आत्म-लेखन, आने फ्रैंक से लेकर डायरी/आत्मकथा/संस्मरण के भेद की परीक्षा-पहचान।
व्यंग्य-विधा का स्वरूप — हरिशंकर परसाई, शरद जोशी, खगेन्द्र ठाकुर की व्यंग्य-परंपरा; व्यंग्य/हास्य/परिहास के भेद की परीक्षा-पहचान।
साक्षात्कार-विधा का स्वरूप — संरचित-प्रश्नोत्तर लेखन-पद्धति, पत्रकारिता-संबंध और विधा-भेद की परीक्षा-पहचान।
बाल-साहित्य की विधा-विशेषता — पंचतंत्र-परंपरा से आधुनिक बाल-पत्रिकाओं तक; बाल-कविता, कथा, पत्रिका की परीक्षा-पहचान।
युगप्रवर्तक लेखक — हरिश्चंद्र से अज्ञेय तक, जिन्होंने हिंदी-साहित्य की दिशा बदली; युग-विभाजन और प्रवर्तक-परख की परीक्षा-पहचान।
युगप्रवर्तक रचनाएँ — कविवचनसुधा से तार-सप्तक और मैला आँचल तक; पत्रिका-रचना और ग्रंथ-रूप में युग-परिवर्तन की परीक्षा-पहचान।
हिंदी-पत्रकारिता की मुख्य-पत्रिकाएँ — उदन्त मार्तण्ड से आधुनिक-दैनिक तक; स्थापना-क्रम और विधा-योगदान की परीक्षा-पहचान।
हिंदी पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन-स्थान-विज्ञान — कलकत्ता, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर के पत्रकारिता-केन्द्रों की परीक्षा-पहचान।
हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन-वर्ष — काल-क्रम की परीक्षा-पहचान; 1826 से 1960 तक पत्रिका-वर्ष-परख के प्रमुख-फ़ंद।
हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के संपादक — भारतेंदु से राजेन्द्र यादव तक; संपादक-पत्रिका मेल-परख के प्रमुख-फ़ंद।
हिंदी की पाँच उपभाषाएँ — पूर्वी, पश्चिमी, राजस्थानी, बिहारी, पहाड़ी; प्रत्येक की बोलियों की परीक्षा-पहचान और वर्गीकरण-फ़ंद।
हिंदी की विभाषा-विभाजन — पूर्वी, मध्य, पश्चिमी विभाषा के क्षेत्र और बोलियाँ; विभाषा/उपभाषा/बोली के स्तर-भेद की परीक्षा-पहचान।
हिंदी की प्रमुख-बोलियाँ — खड़ी बोली से नेपाली तक; क्षेत्र, साहित्यिक-भाषा और वर्गीकरण की परीक्षा-पहचान।
हिंदी वर्ण-विचार — स्वर, व्यंजन, उच्चारण-स्थान और प्रयत्न; वर्णमाला-वर्गीकरण और ध्वनि-परख के प्रमुख-फ़ंद।
हिंदी शब्द-भंडार — तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशज; ऋण-शब्दों के स्रोत और शब्द-युग्म की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत संधि-विचार — स्वर-संधि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि), व्यंजन-संधि (श्चुत्व, झलांजश्, अनुनासिक) और विसर्ग-संधि (रुत्व, षत्व, सत्व) के सूत्र, भेद और उदाहरण।
संस्कृत समास-विचार — द्वंद्व, तत्पुरुष, बहुव्रीहि, अव्ययीभाव, कर्मधारय, द्विगु के भेद, लक्षण और उदाहरण की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत उपसर्ग-प्रत्यय-विचार — 22 उपसर्गों की सूची, धात्वर्थ-परिवर्तन और कृत्/तद्धित/स्त्री-प्रत्यय के भेद की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत विभक्ति-विचार — सात-विभक्तियों के नाम, कारक-प्रयोग और शब्दरूप-चिह्न; विभक्ति-युग्म और वाक्य-प्रयोग की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत शब्दरूप-विचार — आत्मन्, जगत्, सरित्, बालक, हरि, अस्मद्, युष्मद् के रूप-चिह्न और विभक्ति-प्रयोग की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत धातुरूप-विचार — स्था, पा, गम्, पद्, हस् धातुओं के लट्-लकार परस्मैपदी रूप; पुरुष-वचन-क्रम और पद् के आत्मनेपद-भ्रम की परीक्षा-पहचान।
संस्कृत काल-विचार — भूत, वर्तमान, भविष्यत् के लकार-रूप और काल-भेद; अद्यतन/अनद्यतन/परोक्ष की परीक्षा-पहचान।
हिंदी से संस्कृत अनुवाद-पद्धति — विभक्ति-चयन, क्रिया-काल-मेल, लिंग-वचन-समानता और प्रमुख-धातु-रूपों की परीक्षा-पहचान।